वजह सबकी सिर्फ़ हम है,
ना हम होते ना ये दिल होता
ना दिल होता ना वो होते
ना वो होते ना ये दिल धड़कता
ना ये दिल धड़कता ना प्यार होता
ना प्यार होता ना दर्द होता
ना दर्द होता ना हम रोते
वजह सबकी सिर्फ हम है
©️ काव्या शेखर
वजह सबकी सिर्फ़ हम है,
ना हम होते ना ये दिल होता
ना दिल होता ना वो होते
ना वो होते ना ये दिल धड़कता
ना ये दिल धड़कता ना प्यार होता
ना प्यार होता ना दर्द होता
ना दर्द होता ना हम रोते
वजह सबकी सिर्फ हम है
©️ काव्या शेखर
“हमारे इश्क़ का बस इतना फ़साना है,
वो अपने हुस्न में मगरूर थे,
और हमें अपने इश्क़ पर गुरूर था
ये वक़्त है साहब एक दिन पलटता है
अब उन्हें हमारे इश्क़ पर गुरूर है,
और अब हम मगरूर हो गए ”
©️ काव्या शेखर
” कौन कहता है कि इश्क़ बस एक बार होता है,। हमें तो आपको देखकर बार-बार होता है “
©️काव्या शेखर

तुझसे इश्क़ जिस शिद्दत से किया,
तेरे अंदाज़-ए-तग़ाफ़ुल को भी सरखों पे बिठाया ।
©️ काव्या शेखर
” मुद्दातों से तम्मन्ना थी कि, तेरे लब पर मेरा नाम आए,
इन्कार-ए-मोहब्बत ही सही, तेरे लब पे मेरा नाम तो आया ”
©️ काव्या शेखर
चाहते है कितना उन्हे, एक बार आजमां कर देखें,
दूर ना जा सकेंगें वो, करीब आकर तो देखें।
उनकी एक मुस्कुराहट पे,निसार है ये ज़िन्दगी,
वो एक बार हमारी तरफ प्यार से तो देखें ।
©️ काव्या शेखर
ओ ऊपर वाले !
देख तेरी इस दुनियां का क्या हाल हो गया,लोगों का हाल बेहाल हो गया ।
अब तो ईमान यहां कौड़ियों में बिकते है,प्यार और भावनाएं तो सोने चांदी में तुलते है ।
हर चीज़ का यहां पर मोल है,सच ही तो कहा है दुनियां गोल है ।
इंसान तो इंसान अब तो लाशों का भी मोल है ,
भाई बन बैठा है भाई का दुश्मन,अब चारों तरफ़ है बस सिक्कों की ठनठन ।
©️ काव्या शेखर

आज थोड़ा कविताओं से हटकर अलग विषय पर बात करते है । आजकल बहुत सारे ऐसे videos आ रहे जिन्हें देखकर मन दहल जाता है , लोग कैसे जानवरों पर इतना अत्याचार कर सकते है और तो और लोगों के सामने ये सब हो रहा होता है और लोग मिलकर उन्हें रोकने की बजाय videos बनाने में लगे रहते है । मेरे पास भी dogs है । उन्हें ज़रा सी तकलीफ होती है हमारी जान निकलती है और लोग कैसे इन बेजुबानों की जान ले सकते है । मेरा dog Buddie जिससे मैं बहुत बातें करती हूं और वो अपनी भाषा में reply भी करता है । मैं और मेरा Buddie अक्सर बहुत बातें करते है

©️काव्या शेखर