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Happy mothers day मां की सूरत

तू अखंड प्रेम की मूरत है

तुझसे प्यारी ना कोई सूरत है

तेरी ना कोई जाति है ,ना है कोई धर्म तेरा

तेरा ना कोई रूप है ना ही कोई रंग तेरा

ना कोई अलग है बोली तेरी,तू है मां बहुत ही भोली

तू जननी है तू पालनकर्ता,

तू है देवकी ,तू है यशोदा, तू है पन्ना धाय भी,

सहती कितना कुछ, है शक्ति की परिचायिका तू ,

जो लड़े दुखों से फिर भी हंसती रहे, जीवन की है नायिका तू ।

संसार ये बदला, रिश्ते बदले ,जीने के ढंग है बदले,

ऐ मां पर तेरी सूरत ना बदली ।

सदियां बीती, युग बीते , पर मंद पड़ा ना तेरे चेहरे का तेज,

युगों से आंखों में वहीं ममता का अथाह समंदर,

देवता भी नमन करते तुझको शीश झुकाकर ।

तेरा है उपकार मां मुझपर, जो कभी चुका ना पाऊंगी, पर तेरा जीवन खुशियों से भर दूं, तो धन्य मैं खुद को पाऊंगी ।

तू अखंड प्रेम की मूरत है

तुझसे प्यारी ना कोई सूरत है

हां मां तुझसे प्यारी ना कोई सूरत है ।

© काव्या शेखर

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By kavyashekhr

अल्फाजों का गहरा समंदर हो और डूबकर कही नहीं जाना है बस डूबते जाना है , डूबते जाना है ।

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