तुम बिन लगे सब कितना खाली सा, अधूरा सा,
देखूं न तुझे तो ना दिन लगे पूरा सा ।
मेरी हर बात में, हर याद में, हर सांस पे है कब्ज़ा तेरा,
सब कुछ तो है तेरा, मुझमें कुछ ना मेरा ।
हर दुआ में सिर्फ तेरा साथ मांगा है,
चारों तरफ तेरी बस हो ख़ुशियों का घेरा।
तू खुश रहे हर पल हर लम्हा,
बेशक़ उस ख़ुशी में हिस्सा ना हो मेरा ।
©️ काव्या शेखर