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दोस्ती

दोस्ती नाम है हमारा कैसे हमें भुलाओगे,
हम आएंगें हमेशा याद जहाँ भी जाओगे ।
दोस्त तो बहुत मिल जायेंगें ,
पर हमारे जैसा कहां से लाओगे ।
खुद को अकेला मत समझना कभी,
जब भी बुलाओगे कही भी होंगें चले आएंगें ।
साथ न रहे फिर भी,
याद बनकर हमेशा तेरे होंठों पे मुस्कान बनकर आयेंगें।

©️ काव्या शेखर

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By kavyashekhr

अल्फाजों का गहरा समंदर हो और डूबकर कही नहीं जाना है बस डूबते जाना है , डूबते जाना है ।

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