तुम एक तेज़ हवा के झोंके की तरह ,
आये और आकर चले गए,
हम ख़ामोश तेरा आना और जाना देखते रहे, सोचा था जब मिलोगे तो ,
कर देंगें हाल-ए-दिल बयां,
पर जब सामने आए तुम ,
सब कुछ आंखों में छुपा के रह गए ।
©️ काव्या शेखर
तुम एक तेज़ हवा के झोंके की तरह ,
आये और आकर चले गए,
हम ख़ामोश तेरा आना और जाना देखते रहे, सोचा था जब मिलोगे तो ,
कर देंगें हाल-ए-दिल बयां,
पर जब सामने आए तुम ,
सब कुछ आंखों में छुपा के रह गए ।
©️ काव्या शेखर